*विश्व प्राथमिक चिकित्सा दिवस पर जनजागरूकता एवं निःशुल्क होम्योपैथिक चिकित्सा शिविर आयोजित*

*चिकित्सा शिविर से 100 विद्यार्थी एवं शिक्षक गण हुये लाभान्वित*
*केकड़ी 12 सितम्बर (पवन राठी )*
*यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ होम्योपैथी, केकड़ी के प्रैक्टिस ऑफ मेडिसिन एवं सर्जरी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में विश्व प्राथमिक चिकित्सा दिवस (12 सितंबर 2026) के अवसर पर आलोक विज्ञान महाविद्यालय, केकड़ी में जनजागरूकता एवं निःशुल्क होम्योपैथिक चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। *शिविर का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं शिक्षकगणों को विभिन्न आपातकालीन परिस्थितियों में प्राथमिक उपचार के महत्व एवं आवश्यक तकनीकों के प्रति जागरूक करना था। शिविर में महाविद्यालय के लगभग 100 विद्यार्थी एवं शिक्षकगण लाभान्वित हुए।*
*कार्यक्रम की शुरुआत सहायक आचार्य, सर्जरी विभाग, डॉ. स्वाति शर्मा एवं सहायक आचार्य, प्रैक्टिस ऑफ मेडिसिन विभाग, डॉ. साक्षी शर्मा द्वारा की गई। दोनों चिकित्सकों ने पीपीटी प्रस्तुति के माध्यम से विद्यार्थियों एवं शिक्षकगणों को विभिन्न आपातकालीन स्थितियों में आवश्यक प्राथमिक उपचार (First Aid) के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की। इस दौरान दुर्घटना, चोट, रक्तस्राव, जलने, बेहोशी सहित विभिन्न आकस्मिक परिस्थितियों में तत्काल किए जाने वाले प्राथमिक उपचार के बारे में सरल एवं व्यावहारिक जानकारी दी गई।*
*इसी क्रम में विभागाध्यक्ष, सर्जरी विभाग, डॉ. नीता शर्मा ने फर्स्ट एड किट के संबंध में जानकारी प्रदान करते हुए उसमें रखी जाने वाली आवश्यक सामग्री तथा उनके उपयोग के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यालय, महाविद्यालय एवं सार्वजनिक संस्थान में प्राथमिक उपचार किट उपलब्ध होनी चाहिए, ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में समय रहते आवश्यक सहायता प्रदान की जा सके।*
*शिविर चिकित्सा प्रभारी एवं विभागाध्यक्ष, प्रैक्टिस ऑफ मेडिसिन विभाग, डॉ. अंशुल चाहर ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि प्राथमिक उपचार का ज्ञान केवल स्वास्थ्यकर्मियों तक सीमित नहीं होना चाहिए। प्रत्येक शिक्षक, विद्यार्थी एवं आम नागरिक को प्राथमिक उपचार की बुनियादी तकनीकों का ज्ञान होना आवश्यक है।* *आपातकालीन स्थिति में समय पर दिया गया सही प्राथमिक उपचार किसी व्यक्ति का जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।*
*इस अवसर पर आलोक विज्ञान महाविद्यालय, केकड़ी के प्राचार्य कल्याण सिंह गौड़ ने यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ होम्योपैथी की चिकित्स्कीय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के जनजागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों एवं समाज के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। उन्होंने भविष्य में भी इस प्रकार के स्वास्थ्य जागरूकता एवं चिकित्सा शिविर आयोजित किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया।*
*यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ़ होमियोपैथी केकड़ी के कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार मीणा ने आयोजक संस्थान का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस शिविर के माध्यम से विद्यार्थियों एवं शिक्षकगणों को प्राथमिक उपचार, आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया तथा स्वास्थ्य जागरूकता के संबंध में महत्वपूर्ण एवं व्यावहारिक जानकारी प्राप्त हुई।*






