*राज्य मे नेताओ द्वारा गौशाला के नाम से जमीन कब्ज़ाने का नायाब नुस्खा*

*केकड़ी -शाहपुरा 9 जुलाई (ब्यूरो रिपोर्ट )*
*भीलवाड़ा जिले के शाहपुरा उपखण्ड मे 21/08/2025 को देव गौशाला सेवा संस्था, शाहपुरा का रजिस्ट्रेशन हुआ, जिसमें सचिव बने शाहपुरा (भीलवाड़ा) विधायक लालाराम बैरवा। फिर समिति के अध्यक्ष बने विधायक के बेटे चिनार देवतवाल। बारी आई कोषाध्यक्ष की तो विधायक ने यह जिम्मेदारी अपने दूसरे बेटे जतिन देवतवाल को दी और सह सचिव बनाया अपने भाई के बेटे कुंदन देवतवाल को। ऐसे ये गौशाला लगभग एक परिवार की हुई।*
*अब गौशाला रजिस्टर करके एक ज़मीन कब्जाने का खेल शुरू हुआ। शाहपुरा से 2 किलोमीटर दूर जहां केकड़ी – जयपुर – भीलवाड़ा – मांडल एक्सप्रेसवे प्रस्तावित है वहां एक चारागाह की जमीन चिन्हित की गई। जमीन माता जी का खेड़ा पंचायत की चारागाह भूमि थी। गौशाला के नाम पर उस जमीन पर पट्टा जारी करवाने के लिए तैयारी हुई और SDM व कलेक्टर तक संपर्क साधा गया।*
*अब अगर गौशाला को किसी जमीन पर पट्टा जारी करवाना है तो नियमानुसार गौशाला 3 साल पुरानी होनी चाहिए। हालांकि ये गौशाला 2025 में बनी थी, तो मामला अटका और कलेक्टर ने मना कर दिया। फिर गौशाला वाला प्लान ड्राप करके फेंसिंग की गई और XEN को कहा गया कि इस जमीन पर बिजली कनेक्शन जारी कर दो। XEN ने भी मना कर दिया, क्योंकि मामला नियमों के विरुद्ध था तो तत्कालीन XEN APO कर दिया गया और नए XEN की नियुक्ति ने बिजली कनेक्शन भी दिलवा दिया। अब पूरा शाहपुरा चिल्ला रहा है कि विधायक ने जमीन हड़प ली है, लेकिन यह बात जयपुर अमले के कान तक पहुंच कर भी अनसुनी है।*
*उधर शाहपुरा भीलवाड़ा के भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी विधायक के इस कृत्य से नाराज़ हैं। पार्टी फोरम में दबे मुंह बोल भी रहे हैं, लेकिन विधायक ने कब्जाई जमीन पर छत डाल ली है। बोरिंग हो गई है, बिजली कनेक्शन भी हो गया है और बाकी काम जोरशोर से शुरू है।*







